मानवता का पाठ पढ़ लिया, इस जीवन रूपी क़िताब में! अपनों से प्यार करूं मैं ख़ूब, न रखूं उ मानवता का पाठ पढ़ लिया, इस जीवन रूपी क़िताब में! अपनों से प्यार करूं मैं ख़ूब...
आधुनिकता के सभी साधनों से परिपूर्ण मैं प्रसन्न था ,पर सन्तुष्ट नहीं आधुनिकता के सभी साधनों से परिपूर्ण मैं प्रसन्न था ,पर सन्तुष्ट नहीं
सदाचार का पाठ हो , घर-घर सुबह व शाम। काम क्रोध मद दूर हो, नहीं रहे मन काम। सदाचार का पाठ हो , घर-घर सुबह व शाम। काम क्रोध मद दूर हो, नहीं रहे मन काम।
शिक्षक विद्यार्थियों को सही राह दिखाते, ज़िन्दगी का पाठ भी ये बच्चों को पढ़ाते! शिक्षक विद्यार्थियों को सही राह दिखाते, ज़िन्दगी का पाठ भी ये बच्चों को पढ़ाते!
अनजान आगे का सफ़र , बूढ़ा हुआ है यह शज़र इससे जिनको छाँव मिले, उनसे ही कई घाव मिले। अनजान आगे का सफ़र , बूढ़ा हुआ है यह शज़र इससे जिनको छाँव मिले, उनसे ही कई ...
जाने कब मैं बड़ा हो गया अपने पैरों पर खड़ा हो गया, वक्त का साया ऐसा था न धेला था न प जाने कब मैं बड़ा हो गया अपने पैरों पर खड़ा हो गया, वक्त का साया ऐसा था ...